गुरुवार, 6 फ़रवरी 2014

एक पौधे में खिले 1500 फूल


                        

रायपुर। क्या आपने सेवंती के एक पौधे में 1,500 फूल खिलते देखा है, वह भी गमले में? चौंक गए ना! छत्तीसगढ़ की राजधानी में लगे फूलों की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में, सेवंती का एक ऐसा पौधा भी है, जिसमें तकरीबन 1,500 फूल खिले हैं। हर साल आयोजित होने वाली इस प्रदर्शनी में इस साल लगभग 8,000 किस्मों के फूल और सब्जियां प्रदर्शित की जा रही हैं। इस प्रदर्शनी के आयोजक डॉ. एआर दल्ला और दलजीत सिंह बग्गा कहते हैं कि दरअसल, यह कमाल है पिंसिंग तकनीक का।
इसमें पौधे की शाखाओं को बढ़ाया जाता है। एक बार पर्याप्त संख्या में शाखाएं आ जाने के बाद फूल खिलने के लिए छोड़ दिया जाता है। यह तकनीक गेंदे में भी कारगर है। बोनसाई के भी इसमें कई प्रकार पेश किए गए हैं। हाइब्रिड जखेरा, एंथोरियम और ऑर्किड यहां बड़ी संख्या में हैं, बस ट्यूलिप नदारद है। आयोजकों का कहना है कि ट्यूलिप कश्मीर में बर्फबारी के चलते वहां से नहीं मंगाया जा सका। इसके बाद भी यहां ब्रोकली, लैट्यूज, आइसबर्ग लैट्यूज, परसले, मल्टीकलर एंथोरियम, मल्टीकलर लिली, डहेलिया, इंप्रेशन और बोनसाई में पाइन, रॉक स्टाइल, कल्पवृक्ष, लैंडस्केप देखते ही बनता है। रायपुर के गांधी उद्यान में लगी इस प्रदर्शनी में शहर के अनिमेश तिवारी ने प्रोडक्शन को 20 गुना तक बढ़ाने वाली न्यूट्रिशन फिल्टर तकनीक को प्रदर्शित किया।
इस तकनीक से बेहद कम समय में ही पौधों से प्रोडक्शन शुरू किया जा सकता है।
इस तकनीक में 90 फीसदी तक पानी की भी बचत होती है और पौधों को भी 24 घंटे पोषण मिलता है। इतना ही नहीं, यहां एक कमल ऐसा भी है, जिसे प्लास्टिक के टब में खिलाया गया है। यही नहीं, उस टब में मछलियां भी मौजूद हैं। नीले रंग का यह कमल लोगों के आकर्षण का खासा केंद्र रहा।
साथ ही अफ्रीकन मेरीगोल्ड, इंप्रेशन, बारबीना,एस्टर, सल्विया, डहेलिया और न जाने ऐसे कितने ही फूलों की खुशबू से यहां का गांधी उद्यान महक रहा है।
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Source – KalpatruExpress News Papper

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