रविवार, 25 मई 2014

अपने घर पर उगाएं हरी मिर्च



कृषि ने ही ोगों को नदी के किनारे बसने के िए प्रोत्साहित किया। मनुष्य के इतिहास से पता चता है कि शुरुआती सभ्यता कृषि से ही पनपी। आज हम उस दौर से काफी आगे आ चुके हैं। आज हम शहरों में आ बसे हैं, जहां गगनचुंबी इमारतें हैं और ट्रैफिक का शोर है। पर हम अकसर गांवों में जाना पसंद करते हैं जहां चारों ओर हरियाी होती है और फिजाओं में एक खुशबू सी है। करारी और चटपटी फ्राई हरी मिर्चे व्यंजन को ज्यादा मसाेदार बनाने का काम करती है और भारत जैसे मिर्चमसाों के देश में इसका अपना महत्त्व है। आज हम आपको हरी मिर्च उगाने के कुछ टिप्स के बारे में बताएंगे।
गर्म जवायु-
 गर्म ट्रॅापिकवायु हरी मिर्च के िए सबसे उपयुक्त जवायु होती है। अगर आप ऐसे जवायु में नहीं रहते हैं तो अच्छे परिणाम के िए आपको इंडोर या फिर ग्रीनहाउस का सहारा ेना पड़ेगा।
सूरज की रोशनी-
 हरी मिर्च के पौधों को गर्मी पर्याप्त मा}ा में चाहिए होती है। इसिए हरी मिर्च का पौधा गाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उन्हें सूरज की पूरीपूरी रोशनी मिे।
पौधे ऐसी जगहों पर बिल्कुगाएं जहां रात का तापमान 15 डि. से. से नीचे चा जाता हो।
मिट्टी-
 मिर्च के पौधे को उर्वर मिट्टी में गाएं। अगर आप गमे में पौधे को गा रहे हैं तो आर्गेनिक कम्पोस्ट का इस्तेमाजरूर करें।
बुवाई-
 मिर्च के बीज को जमीन में कम से कम 3 इंच नीचे डाने की जरूरत होती है। जब पौधे जमीन से बाहर आ जाए तो आप इसे यहां से हटाकर गमे या फिर किसी उपयुक्त जमीन पर गा दें।
पानी-
 देना मिर्च उगाने के दौरान पौधों को नियमित रूप से पानी दें। पर ध्यान रखें कि ज्यादा पानी घातक हो सकता है। पौधों में ठंडक आ जाने से आपको अपेक्षित परिणाम नहीं मिेगा।
कीटनाशक-
 मिर्च उगाने के दौरान आपको बीमारी से छुटकारा पाने के िए किसी तरह के फर्टिाइजर के इस्तेमाका झंझट पाने की जरूरत नहीं है। हरी मिर्च में ऐसे रसायन पाए जाते हैं जो बीमारी को दूर रखते हैं।
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Source – KalpatruExpress News Papper

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